कर्नाटक

हासन IIT प्रोजेक्ट की जमीन विवाद पर किसानों से मिले मुख्यमंत्री, समाधान का दिया भरोसा

Kavita2
30 Jun 2026 10:49 AM IST
हासन IIT प्रोजेक्ट की जमीन विवाद पर किसानों से मिले मुख्यमंत्री, समाधान का दिया भरोसा
x

Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सोमवार को हासन में प्रस्तावित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) परियोजना के लिए लंबे समय से लंबित भूमि अधिग्रहण विवाद को लेकर प्रभावित किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अदालत के आदेशों का सम्मान करेगी और मामले का कानूनी रूप से टिकाऊ समाधान निकाला जाएगा।

यह मामला करीब दो दशकों से लंबित है, जिससे डोड्डाहोनेनाहल्ली, कचनायकनहल्ली सहित सात गांवों के किसानों में अनिश्चितता बनी हुई है। इस मुद्दे को लेकर इन गांवों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से विधान सौध में मुलाकात की और अपनी समस्याएं रखते हुए मुआवजे और स्पष्ट स्थिति की मांग की।

किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि लगभग 20 साल पहले इस भूमि अधिग्रहण की शुरुआत धारवाड़ में प्रस्तावित IIT परियोजना के लिए की गई थी। उस समय लगभग 334 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, जो बाद में बढ़कर 1,057 एकड़ तक पहुंच गई। किसानों का आरोप है कि इस भूमि का उपयोग मूल परियोजना के दायरे से बाहर भी किया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि लंबे समय से मामले के लंबित रहने के कारण किसानों को आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान और उचित मुआवजे की मांग की।

मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने किसानों की बात सुनने के बाद स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में निष्पक्ष रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी और किसी भी स्थिति में किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य सभी प्रभावित किसानों को उचित न्याय और मुआवजा दिलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे बिदादी और हासन के किसानों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं करेंगे। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसानों के हाथों में अधिकतम लाभ पहुंचे।

शिवकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस पूरे मामले के सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जांच करें और जल्द से जल्द समाधान के लिए वैध और व्यावहारिक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत हो।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके हितों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। किसानों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए, और यही हमारे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि होगी।”

इस बैठक को लेकर किसानों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चला आ रहा यह विवाद अब किसी समाधान की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, वे अभी भी सरकार से स्पष्ट और समयबद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के लंबे समय से लंबित भूमि विवादों का समाधान जटिल होता है, क्योंकि इनमें कानूनी, प्रशासनिक और विकास संबंधी कई पहलू जुड़े होते हैं। ऐसे में सरकार के लिए संतुलित और न्यायसंगत निर्णय लेना आवश्यक होगा।

फिलहाल, राज्य सरकार ने इस मामले में समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं और संबंधित विभागों को आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई स्पष्ट होने की संभावना है।

Next Story